जयपुर के आराध्य देव श्री गोविंद देव जी महाराज के मंदिर में 4 सितंबर 2026 को जन्माष्टमी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इसे देखते हुए मंदिर प्रशासन, जिला प्रशासन और पुलिस ने इस बार प्रवेश, दर्शन, निकास और यातायात के लिए विशेष व्यवस्था तैयार की है। मंदिर जाने से पहले पूरा रूट समझ लेना जरूरी है।

Step 1: मंदिर में Entry कहां से होगी?
जन्माष्टमी के दिन श्रद्धालुओं की एंट्री केवल जलेब चौक की ओर से होगी। यहां से आगे तीन अलग-अलग लाइनें बनाई जाएंगी—दर्शन पास धारकों के लिए, बिना जूते-चप्पल वाले श्रद्धालुओं के लिए और जूते-चप्पल वाले श्रद्धालुओं के लिए। किसी अन्य रास्ते से मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
Step 2: दर्शन के बाद Exit कहां से होगा?
दर्शन करने के बाद श्रद्धालु उसी रास्ते से वापस नहीं लौट सकेंगे। निकास जय निवास बाग के पूर्वी और पश्चिमी गेट की तरफ से निर्धारित किया गया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से तय रूट का ही पालन करने की अपील की है।
पूरे Entry-Darshan-Exit Route में भीड़ और बैरिकेडिंग के कारण करीब 5 से 6 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ सकता है। इसलिए पानी की बोतल साथ रखने की सलाह भी दी गई है।
4 सितंबर को Govind Dev Ji Darshan Timings
मंगला झांकी सुबह 4:00 से 6:30, धूप झांकी 7:00 से 9:00, श्रृंगार 9:30 से 11:15, राजभोग 11:45 से दोपहर 1:15, ग्वाल झांकी शाम 4:00 से 6:30, संध्या झांकी 6:45 से 8:30 और शयन झांकी रात 9:15 से 10:30 बजे तक होगी। 5 सितंबर की मंगला झांकी रात 11:00 से 11:15 और तिथि पूजा एवं अभिषेक रात 12:00 से 12:30 बजे तक निर्धारित है।
Traffic और Parking व्यवस्था
4 सितंबर को भारी भीड़ को देखते हुए जयपुर की चारदीवारी में सार्वजनिक परिवहन बंद रखने की ट्रैफिक व्यवस्था सामने आई है और श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक Metro का इस्तेमाल करने की अपील की गई है। निजी वाहनों के लिए रामनिवास बाग, चौगान स्टेडियम और जेम सिनेमा पार्किंग की जानकारी जारी की गई है।
मंदिर परिसर में जूते-चप्पल रखने की सामान्य व्यवस्था नहीं होगी, इसलिए दर्शन के लिए निकलने से पहले अपनी यात्रा और पैदल दूरी को ध्यान में रखकर योजना बनाएं।



