राजस्थान के शहरों में नई सरकार की तस्वीर अब लगभग साफ हो गई है। नगर निकाय चुनाव 2026 में भाजपा सबसे ज्यादा वार्ड जीतकर पहले नंबर पर रही। जयपुर, कोटा, उदयपुर और भीलवाड़ा में पार्टी को स्पष्ट बढ़त मिली, जबकि बीकानेर में कांग्रेस ने बहुमत हासिल किया। जोधपुर, अजमेर, पाली, अलवर और भरतपुर में मामला सीधा नहीं है—यहां बोर्ड किसका बनेगा, इसमें निर्दलीय पार्षद बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार घोषित वार्डों में भाजपा ने 4,179, कांग्रेस ने 3,613 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 2,273 सीटें जीती हैं। इसके अलावा RLP को 63, AAP को 42, CPI(M) को 38, BSP को 19 और BAP को 8 सीटें मिली हैं। कुछ मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान के कारण अंतिम संख्या में मामूली बदलाव संभव है।
एक नजर में राजस्थान निकाय चुनाव 2026
- कुल नगरीय निकाय: 309
- नगर निगम: 10
- नगर परिषद: 51
- नगर पालिका: 248
- मतदान: 9 और 11 सितंबर 2026
- मतगणना: 14 सितंबर 2026
- पहले चरण का मतदान प्रतिशत: 76.42%
- दूसरे चरण का मतदान प्रतिशत: 70.68%
- महापौर/सभापति/पालिका अध्यक्ष का चुनाव: 21 सितंबर
- उपमहापौर/उपसभापति/उपाध्यक्ष का चुनाव: 22 सितंबर
राजस्थान में किस पार्टी ने कितने वार्ड जीते?
| पार्टी | जीते हुए वार्ड |
|---|---|
| भाजपा (BJP) | 4,179 |
| कांग्रेस (INC) | 3,613 |
| निर्दलीय (IND) | 2,273 |
| राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) | 63 |
| आम आदमी पार्टी (AAP) | 42 |
| माकपा / CPI(M) | 38 |
| बहुजन समाज पार्टी (BSP) | 19 |
| भारत आदिवासी पार्टी (BAP) | 8 |
नोट: ये राज्य निर्वाचन आयोग की लाइव पार्टी-वाइज सूची में उपलब्ध घोषित परिणाम हैं। जिन वार्डों या बूथों पर दोबारा मतदान होना है, उनके बाद आंकड़ों में बदलाव हो सकता है।
10 नगर निगमों का पूरा परिणाम
मोबाइल पर पूरी तालिका देखने के लिए दाएं-बाएं स्लाइड करें।
| नगर निगम | कुल वार्ड | भाजपा | कांग्रेस | अन्य |
|---|---|---|---|---|
| जयपुर | 150 | 78 | 53 | निर्दलीय 15 146 परिणाम घोषित |
| जोधपुर | 100 | 44 | 44 | निर्दलीय 10, RLP 1 99 परिणाम घोषित |
| कोटा | 100 | 55 | 38 | निर्दलीय 4 97 परिणाम घोषित |
| उदयपुर | 80 | 53 | 23 | निर्दलीय 3, CPI(M) 1 |
| अजमेर | 80 | 32 | 37 | निर्दलीय 11 |
| बीकानेर | 80 | 27 | 42 | निर्दलीय 10, RLP 1 |
| भीलवाड़ा | 70 | 45 | 10 | निर्दलीय 15 |
| अलवर | 65 | 28 | 23 | निर्दलीय 13, BSP 1 |
| भरतपुर | 65 | 20 | 7 | निर्दलीय 36, BSP 1, RLP 1 |
| पाली | 65 | 21 | 29 | निर्दलीय 15 |
जयपुर नगर निगम चुनाव परिणाम 2026
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में बहुमत का आंकड़ा 76 है। अभी घोषित 146 वार्डों में भाजपा ने 78 सीटें जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। कांग्रेस को 53 सीटें और निर्दलीयों को 15 सीटें मिली हैं। इस तरह जयपुर में भाजपा का बोर्ड बनना लगभग तय है।
हालांकि वार्ड संख्या 9, 18, 25 और 34 के पांच मतदान केंद्रों पर EVM से जुड़ी गड़बड़ी के बाद पुनर्मतदान कराया जा रहा है। इनमें वार्ड 9 का बूथ 111, वार्ड 18 का बूथ 235, वार्ड 25 का बूथ 343 और वार्ड 34 के बूथ 477 व 484 शामिल हैं। इसलिए 78-53-15 को सभी 150 वार्डों का अंतिम आंकड़ा कहना सही नहीं होगा।
जयपुर की नई 150 वार्ड व्यवस्था और अपने इलाके का वार्ड समझने के लिए हमारी जयपुर नगर निगम वार्ड लिस्ट 2026 भी देख सकते हैं। वार्ड-वाइज विजेताओं की अपडेटेड सूची यहां उपलब्ध है।
इन शहरों के नतीजों ने चौंकाया
भरतपुर में निर्दलीय सबसे आगे
भरतपुर नगर निगम के 65 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने 36 सीटें जीतकर सबसे बड़ा समूह बनाया। भाजपा को 20, कांग्रेस को 7, BSP और RLP को एक-एक सीट मिली। यहां बोर्ड गठन की चाबी किसी एक बड़ी पार्टी के पास नहीं, बल्कि निर्दलीयों के हाथ में है।
बारां में AAP का बहुमत
बारां नगर परिषद के 60 वार्डों में आम आदमी पार्टी ने 31 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। कांग्रेस को 18, भाजपा को 9 और निर्दलीयों को 2 सीटें मिलीं। राजस्थान के निकाय चुनाव में यह AAP का सबसे बड़ा परिणाम माना जा रहा है।
नोखा में CPI(M) की बड़ी जीत
बीकानेर जिले की नोखा नगर पालिका के 45 वार्डों में CPI(M) ने 29 सीटें जीतीं। भाजपा को 13 और निर्दलीयों को 3 सीटें मिलीं। स्थानीय राजनीति के लिहाज से यह परिणाम राज्य के सबसे उल्लेखनीय नतीजों में शामिल है।
जोधपुर में बराबरी
जोधपुर नगर निगम में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने 44-44 सीटें जीती हैं। निर्दलीयों के पास 10 और RLP के पास एक सीट है, जबकि एक वार्ड का परिणाम लंबित है। यहां महापौर किस दल का बनेगा, यह समर्थन के गणित पर निर्भर करेगा।
राजस्थान निकाय चुनाव का राजनीतिक संदेश
नतीजों को देखें तो शहरों में भाजपा की पकड़ सबसे मजबूत रही, लेकिन कांग्रेस भी कई जगह मुकाबले में बनी रही। बीकानेर में उसे साफ बहुमत मिला, जबकि अजमेर और पाली में वह सबसे बड़ी पार्टी बनी। भरतपुर में निर्दलीयों की जीत, बारां में AAP का बहुमत और नोखा में CPI(M) का प्रदर्शन एक बात साफ करता है—निकाय चुनाव में पार्टी के साथ उम्मीदवार और स्थानीय मुद्दे भी बड़ा असर डालते हैं।
फिलहाल भाजपा आगे है, लेकिन कई शहरों में असली तस्वीर महापौर और बोर्ड के चुनाव के बाद ही साफ होगी। पुनर्मतदान और बोर्ड गठन के बाद हम इस रिपोर्ट के आंकड़े फिर अपडेट करेंगे।
आधिकारिक स्रोत: राज्य निर्वाचन आयोग, राजस्थान—पार्टी-वाइज परिणाम




