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मोती डूंगरी गणेश उत्सव 2026: कब जाएं, एंट्री कहां से होगी, मेहंदी कब मिलेगी और शोभायात्रा कब निकलेगी?

Moti Dungri Ganesh Temple decorated with lights during Ganesh Utsav

जयपुर में गणेश उत्सव की शुरुआत हो चुकी है। मोती डूंगरी गणेश मंदिर में 7 सितंबर की सुबह कलश यात्रा और जलाभिषेक के साथ नौ दिन तक चलने वाले गणेश जन्मोत्सव का आगाज हो गया है।

अब 15 सितंबर तक मंदिर में हर दिन कुछ अलग देखने को मिलेगा। कहीं मोदकों का विशाल दरबार सजेगा, कहीं फल, फूल और सब्जियों की झांकी होगी। 13 सितंबर को सिंजारा और मेहंदी का दिन रहेगा और 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी पर मुख्य जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

अगर आप इन दिनों मोती डूंगरी गणेशजी के दर्शन करने जाने वाले हैं, तो यहां पूरा कार्यक्रम, एंट्री, दर्शन का समय, मेहंदी और शोभायात्रा की जानकारी आसान भाषा में समझ लीजिए।

सबसे पहले तारीखें याद रख लीजिए

गणेश उत्सव: 7 से 15 सितंबर 2026
मोदक झांकी: 9 सितंबर
मेहंदी और सिंजारा: 13 सितंबर
गणेश चतुर्थी: 14 सितंबर
शोभायात्रा: 15 सितंबर, शाम 4 बजे
स्थान: मोती डूंगरी गणेश मंदिर, JLN Marg, Jaipur

7 सितंबर: कलश यात्रा के साथ उत्सव शुरू

7 सितंबर की सुबह कलश यात्रा और जलाभिषेक के साथ इस बार के गणेश जन्मोत्सव की शुरुआत हो चुकी है।

अब अगले आठ दिनों तक मंदिर में रोज अलग-अलग धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।

8 सितंबर: 348 किलो पंचामृत से अभिषेक

Special abhishek of Lord Ganesha at Moti Dungri Temple
Moti Dungri mein Ganeshji ka vishesh abhishek.

8 सितंबर को पुष्य नक्षत्र के मौके पर गणेशजी का विशेष पंचामृत अभिषेक होगा।

करीब 348 किलो पंचामृत तैयार किया जाएगा, जिसमें दूध, दही, बूरा, शहद और घी शामिल रहेगा।

इसी दिन केले की विशेष झांकी और छप्पन भोग भी सजाया जाएगा। शाम 6 बजे ध्रुपद गायन की प्रस्तुति होगी।

9 सितंबर: मोदकों का विशाल दरबार

Modak jhanki at Moti Dungri Ganesh Temple Jaipur
Ganeshji ke saamne sajaya gaya vishal modak darbar.

अगर आप मोती डूंगरी के गणेश उत्सव की सबसे खास झांकियों में से एक देखना चाहते हैं तो 9 सितंबर का दिन याद रखें।

सुबह 5 बजे से मोदक झांकी के दर्शन शुरू होंगे।

इस बार दरबार में 251-251 किलो के दो बड़े मोदक, 51-51 किलो के पांच मोदक, 21-21 किलो के 21 मोदक और सवा-सवा किलो के 1100 मोदक सहित हजारों छोटे मोदक सजाए जाएंगे।

इन्हें तैयार करने में हजारों किलो घी, बेसन, शक्कर और सूखे मेवों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

इस दिन बाहर से प्रसाद लेकर आने पर रोक रहेगी।

10 से 12 सितंबर: रोज बदलेगा गणेशजी का दरबार

इन तीन दिनों में मंदिर का रूप हर दिन बदलेगा।

10 सितंबर: फलों की झांकी
11 सितंबर: सब्जियों की झांकी
12 सितंबर: फूलों की झांकी

तीनों दिन शाम 6 बजे कथक की प्रस्तुति भी होगी।

अगर आपको सजावट और झांकियां देखना पसंद है, तो इन तीन दिनों में शाम का समय अच्छा रहेगा।

13 सितंबर: मोती डूंगरी की प्रसिद्ध मेहंदी कब मिलेगी?

13 सितंबर को मंदिर में मेहंदी पूजन और सिंजारा होगा।

इस बार सोजत से करीब 3500 किलो मेहंदी मंगाई गई है।

गणेशजी का विशेष श्रृंगार होगा। उन्हें स्वर्ण मुकुट, नौलखा हार और विशेष पोशाक धारण कराई जाएगी।

श्रद्धालुओं को रात 7:30 बजे से पांच अलग-अलग स्थानों से मेहंदी प्रसाद दिया जाएगा।

महिलाओं और बालिकाओं के लिए अलग व्यवस्था भी रखी जाएगी।

अगर आप सिर्फ मेहंदी लेने के लिए जा रहे हैं, तो शाम को काफी भीड़ रहने की उम्मीद है, इसलिए थोड़ा समय लेकर निकलें।

14 सितंबर: गणेश चतुर्थी पर मुख्य जन्मोत्सव

14 सितंबर पूरे उत्सव का सबसे बड़ा दिन होगा।

गणेश चतुर्थी पर मोती डूंगरी गणेशजी के मुख्य जन्मोत्सव के दर्शन सुबह से देर रात तक होंगे।

14 सितंबर की आरती और दर्शन टाइमिंग

मंगला आरती: सुबह 5:00 बजे
श्रृंगार आरती: सुबह 11:30 बजे
भोग आरती: दोपहर 2:15 बजे
संध्या आरती: शाम 7:00 बजे
शयन आरती: रात 11:40 बजे

दोपहर 1:30 से 2:00 बजे के बीच मंदिर के पट बंद रहेंगे।

यानी इस दिन भक्तों को 19 घंटे से ज्यादा समय तक दर्शन का मौका मिलेगा।

मोती डूंगरी में एंट्री कहां से होगी?

गणेश उत्सव के दौरान दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की एंट्री मुख्य रूप से तीन तरफ से रखी गई है:

JLN Marg
Moti Dungri Road
Takhteshahi Road

भीड़ को संभालने के लिए अलग-अलग जगह बैरिकेडिंग की व्यवस्था भी की जा रही है।

अगर आप 13 या 14 सितंबर को जा रहे हैं, तो सामान्य दिन की तरह सीधे मंदिर तक गाड़ी लेकर पहुंचने की कोशिश न करें।

Traffic diversion और parking व्यवस्था के हिसाब से थोड़ा पैदल भी चलना पड़ सकता है।

बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए क्या व्यवस्था है?

भीड़ को देखते हुए बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए भी खास इंतजाम किए जा रहे हैं।

लगभग 100 ई-रिक्शा और 4 इलेक्ट्रिक लो-फ्लोर बसें चलाने की योजना है।

इसके अलावा व्यवस्था संभालने के लिए सैकड़ों स्वयंसेवक भी तैनात रहेंगे।

मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे और metal detectors भी लगाए जा रहे हैं।

15 सितंबर: शाम 4 बजे निकलेगी भव्य शोभायात्रा

गणेश जन्मोत्सव का समापन 15 सितंबर को होने वाली शोभायात्रा के साथ होगा।

शोभायात्रा शाम 4 बजे मोती डूंगरी गणेश मंदिर से रवाना होगी।

Route रहेगा:

मोती डूंगरी गणेश मंदिर
→ मोती डूंगरी रोड
→ सांगानेरी गेट
→ जौहरी बाजार
→ त्रिपोलिया बाजार
→ छोटी चौपड़
→ गणगौरी बाजार
→ चौगान
→ ब्रह्मपुरी
→ गढ़ गणेश मंदिर

शोभायात्रा के दौरान रास्ते में बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

इसलिए 15 सितंबर को इन इलाकों में traffic diversion भी रहेगा।

अगर आपको केवल शोभायात्रा देखनी है, तो route पर किसी एक जगह पहले पहुंचना ज्यादा आसान रहेगा बजाय इसके कि आप मोती डूंगरी मंदिर के बिल्कुल बाहर खड़े हों।

पूरा कार्यक्रम एक नजर में

तारीख क्या होगा
7 सितंबर कलश यात्रा और जलाभिषेक के साथ उत्सव की शुरुआत हो चुकी
8 सितंबर पंचामृत अभिषेक, केले की झांकी, छप्पन भोग
9 सितंबर सुबह 5 बजे से मोदक झांकी
10 सितंबर फलों की झांकी
11 सितंबर सब्जियों की झांकी
12 सितंबर फूलों की झांकी
13 सितंबर मेहंदी पूजन और सिंजारा, शाम 7:30 बजे से मेहंदी वितरण
14 सितंबर गणेश चतुर्थी और मुख्य जन्मोत्सव
15 सितंबर शाम 4 बजे भव्य शोभायात्रा

अगर पहली बार जा रहे हैं तो ये बातें काम आएंगी

अगर संभव हो तो 13 और 14 सितंबर को अपना private vehicle मंदिर के बिल्कुल पास तक ले जाने से बचें।

पानी साथ रखें, लेकिन बहुत ज्यादा सामान लेकर न जाएं।

मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से गैर-जरूरी सामान कम लेकर आने की अपील की है, ताकि security checking जल्दी हो सके।

बच्चों और बुजुर्गों के साथ जा रहे हैं तो peak crowd से थोड़ा पहले पहुंचना बेहतर रहेगा।

और सबसे जरूरी—14 और 15 सितंबर को घर से निकलने से पहले latest traffic advisory जरूर check करें।

मोती डूंगरी गणेशजी और जयपुर का रिश्ता

जयपुर में नया वाहन हो, शादी का पहला निमंत्रण हो या घर में कोई शुभ काम—बहुत से परिवार सबसे पहले मोती डूंगरी गणेशजी के दर्शन करने आते हैं।

यही वजह है कि गणेश चतुर्थी पर यहां सिर्फ एक धार्मिक उत्सव नहीं होता, बल्कि पूरे जयपुर का माहौल बदल जाता है।

मोदकों की झांकी से लेकर सिंजारे की मेहंदी और आखिर में निकलने वाली शोभायात्रा तक—हर दिन की अपनी अलग पहचान है।

अगर आप इस बार जाना चाहते हैं तो ऊपर दिए schedule के हिसाब से अपना दिन चुन सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मोती डूंगरी गणेश चतुर्थी 2026 कब है?

मुख्य गणेश चतुर्थी और जन्मोत्सव 14 सितंबर 2026 को है।

मोती डूंगरी की मेहंदी कब मिलेगी?

13 सितंबर को रात 7:30 बजे से मेहंदी प्रसाद का वितरण शुरू होगा।

मोदक की झांकी कब है?

9 सितंबर को सुबह 5 बजे से मोदक झांकी के दर्शन होंगे।

14 सितंबर को दर्शन कितने बजे से होंगे?

मंगला आरती सुबह 5 बजे होगी और शयन आरती रात 11:40 बजे होगी।

मंदिर में एंट्री कहां से होगी?

श्रद्धालुओं के लिए JLN Marg, Moti Dungri Road और Takhteshahi Road side से entry की व्यवस्था की गई है।

शोभायात्रा कब निकलेगी?

15 सितंबर को शाम 4 बजे मोती डूंगरी गणेश मंदिर से शोभायात्रा रवाना होगी।

शोभायात्रा कहां तक जाएगी?

शोभायात्रा पुराने जयपुर के प्रमुख बाजारों से होते हुए ब्रह्मपुरी स्थित गढ़ गणेश मंदिर तक पहुंचेगी।

जरूरी अपडेट

Ganesh Chaturthi और शोभायात्रा के लिए traffic diversion और parking व्यवस्था में बदलाव हो सकता है। Beautiful Jaipur पर नई advisory आने के बाद इस guide को update किया जाएगा।

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