जयपुर में होने वाले नगर निगम चुनाव 2026 इस बार पिछले चुनाव से काफी अलग होंगे। शहर की नगर निगम व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है और अब Jaipur Greater व Jaipur Heritage को मिलाकर एक ही Jaipur Municipal Corporation (JMC) बनाया गया है। नए निगम में कुल 150 वार्ड होंगे।

पिछले नगर निगम चुनाव में जयपुर दो हिस्सों में बंटा हुआ था। Jaipur Greater में 150 और Jaipur Heritage में 100 वार्ड थे, यानी कुल 250 वार्ड। अब दोनों निगमों के विलय के बाद पूरे शहर के लिए एक ही नगर निगम होगा। नई व्यवस्था में जयपुर को 13 प्रशासनिक जोन में बांटा गया है।
इस बदलाव का असर सिर्फ नगर निगम के नाम या वार्डों की संख्या तक सीमित नहीं रहेगा। इस बार कई वार्डों की सीमाएं भी बदली हैं और एक पार्षद के पास पहले की तुलना में बड़ा क्षेत्र हो सकता है। ऐसे में स्थानीय मुद्दों से लेकर चुनावी समीकरण तक, कई चीजें नए सिरे से बनती नजर आएंगी।
चुनाव से पहले एक और अहम तस्वीर साफ हो गई है। जयपुर के मेयर का पद इस बार अनारक्षित यानी Open Category में रखा गया है। इसका मतलब है कि यह पद किसी एक तय वर्ग के लिए आरक्षित नहीं रहेगा। इससे मेयर पद को लेकर राजनीतिक दलों के भीतर भी दावेदारी बढ़ सकती है।
जयपुर की जनता मेयर को सीधे वोट नहीं देगी। सबसे पहले शहर के 150 वार्डों से पार्षद चुने जाएंगे और इसके बाद निर्वाचित पार्षद मिलकर मेयर का चुनाव करेंगे। इसलिए इस बार हर वार्ड का परिणाम सीधे नगर निगम की सत्ता के समीकरण पर असर डालेगा।
राजस्थान में निकाय चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हैं। चुनाव कार्यक्रम से जुड़ी कुछ संभावित तारीखें सामने आई हैं, लेकिन अंतिम मतदान और मतगणना की तारीखों के लिए Rajasthan State Election Commission की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना जरूरी है।
कुल मिलाकर, Jaipur Nagar Nigam Election 2026 सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि शहर की बदली हुई नगर निगम व्यवस्था की पहली बड़ी परीक्षा होगी। दो निगमों की जगह एक निगम, 250 की जगह 150 वार्ड और पूरे जयपुर के लिए एक मेयर—इस बार चुनावी तस्वीर पहले से बिल्कुल अलग रहने वाली है।


